शुक्रवार, 10 जून 2011

भारतीय मुसलमानों के लिए आदर्श शिवाजी वीर दुर्गा दस

लेखक- डॉ विवेक आर्य

भारतीय मुसलमानों में आज अधिकतर वे मुस्लमान हैं जिनके पूर्वज बलपूर्वक हिन्दू से मुस्लमान बनाये गए थे. उनके पूर्वजो की गर्दनो पर तलवार रख दी गयी , उनके जनेऊ तोड़ दिए गए और चोट्टी काट कर उन्हें जबरन मुस्लमान बनाया गया. इस्लामिक शिक्षा का सबसे बड़ा प्रभाव एक साधारण मुस्लिम युवक पर यह पड़ा हैं की उसके लिए केवल मुहम्मद साहिब अथवा उनके परिवार के सदस्य ही अनुसरण अथवा इज्ज़त के पात्र हैं. राम और कृष्ण चूँकि हिन्दुओ के हैं इसलिए उन्ही द्वारा पूजे जाये. आज के सन्दर्भ में ले तो मुसलमानों के लिए कारगिल के शहीदों से ज्यादा करबला के शहीद स्मरणीय हैं. इसी कड़ी में मुग़ल साम्राज्य में सबसे ज्यादा इस्लाम के निकट समझे जाने वाले औरेंग्ज़ेब के समकालीन दो हिन्दू राजाओ वीर शिवाजी एवं वीर दुर्गा दास राठोड को स्मरण करना चाहूँगा. शिवाजी का कार्यक्षेत्र महाराष्ट्र था जबकि दुर्गादास राठोड का राजस्थान.यूँ तो दोनों मातृभूमि की रक्षा के लिए और हिन्दू धर्म के उद्धार के लिए अपने जीवन को बलिवेदी पर समर्पित किये हुए थे पर इन दोनों क्षत्रियो के जीवन का एक अति विशिष्ट आचरण आज के नवयुवको के लिए आचरण करने योग्य हैं. आंठ्वी शताब्दी में सिन्ध में मुहम्मद बिन कासिम के आक्रमण से लेकर अहमद शाह अब्दाली के काल करीब १००० वर्षो में हिन्दुओ को जबरन मुस्लमान बनाने के अलावा बड़े पैमाने पर नारी जाति के अधिकारों का शोषण भी हुआ. सिन्ध के राजा दाहिर की पुत्रियों को बंधक बनाकर बगदाद लेकर जाना अथवा खिलजी द्वारा रानी पद्मावती को बलात हासिल करने की कोशिश करने की कहानिया तो जगत प्रसिद्ध हैं पर इससे कहीं ज्यादा भयानक युद्ध पश्चात हजारो स्त्रियों का बलात्कार सैनिको द्वारा करना अथवा उन्हें गुलाम बनाकर गजनी के बाजारों में बेचना था. शायद ही कोई मुस्लिम आक्रान्ता मानवता के इस घोर पाप से अछुता रहा था. शिवाजी एवं दुर्गा दास राठोड मुसलमानों द्वारा नारी जाती की इस फजीहत से अच्छी प्रकार से वाकिफ थे पर उनके वैदिक संस्कारो की इसे विशेषता ही कहेगे की उन्होंने अपने विरोधियो की भांति पशुव्रत व्यवहार नहीं अपनाया. वीर शिवाजी के एक सैनिक अभियान में एक मुस्लिम नवाब की बीवी उनके कब्जे में आ गयी थी. सैनिको ने सोचा की उसे शिवाजी को भेंट देंगे तो अच्छा इनाम मिलेगा.


जब वे उस अति सुंदर औरत को शिवाजी के पास लेकर आये तो उन्होंने सर्व प्रथम लाने वाले सैनिक को दण्डित किया और उस महिला को माता के नाम से संबोधित कर क्षमा मांगकर उसे ससम्मान वापिस उसके स्थान पर पंहुचा दिया. अफजल खान जिसे परलोक पहुँचाने का श्रेय शिवाजी महाराज को जाता हैं नें शिवाजी से प्रतापगढ़ में मिलने से पहले एक हिन्दू मंदिर को अपवित्र किया था और अपनी ६४ बीवियों का कत्ल कर दिया था ताकी वे किसी दुश्मन के हाथ ना लग जाये. नारी जाति के प्रति कौन अनुसरण करने योग्य हैं पाठकगन अभी तक समझ चुके होंगे. ऐसा ही वृतांत वीर दुर्गा दस राठोड के जीवन से हमे मिलता हैं. अपने सगे बाप को जेल में डालकर मारने वाले तथा अपने सगे भाईओ को राज गद्दी के लिए कत्ल करने वाले औरेंग्जेब का बेटा सलीम उससे विद्रोह कर दुर्गा दस राठोड की शरण में आया था. कुछ समय बाद किसी बात को लेकर अविश्वास होने पर वह सब लाव-लश्कर छोड़कर भाग गया. वीर दुर्गा दस राठोड के हाथ उसके बेटा- बेटी यानि औरेंग्जेब के पोता- पोती आ गए. कहाँ तो औरेंग्जेब ने मथुरा के वीर गोकुला को पकड़कर उसके शरीर के टुकड़े टुकड़े कर दिए और उसके बेटे का सुन्नत कर उसे किसी मौलवी से अरबी- फारसी सिखवा कर उसे आलिम-फाजिल बनवा दिया था और उसकी बेटी का जबरन निकाह एक मुस्लमान सरदार से कर दिया था उसका अनुसरण ना करके दुर्गा दास राठोड ने आर्य मर्यादा का अनुसरण करते हुए औरेंग्ज़ेब के पोता- पोती को ससम्मान वापिस आगरा भिजवा दिया था.औरेंग्जेब को उन्हें पाकर ही सकून मिल पाया था . हिन्दू राजाओ का ऐसा शुद्ध आचरण सभी धर्मो के अनुनाइयो के लिए आदर्श हैं. आशा हैं हमारे मुस्लमान भाई भारतीय इतिहास में विशिष्ट पहचान रखने वाले सेकुलर हिन्दू राजाओ को अपना आदर्श मन कर उनके जीवन से प्रेरणा लेंगे.


1 टिप्पणी:

  1. BHARAT MATA KI JAY
    JAB TAK HINDU JAGEGA NAHI TO TAB TAK BHARAT MATA VISVH GURU NAHI BANEGA
    WO HINDU JATI JISNE SAGAR KI CHATI PAR PASANO KO TERAYA WHAT UOS HINDU JATI KA GARV DHUAA BANKAR OUD JAYEGA TO HINDU KO JAGNA HOGA HINDU DESH KA BIGUL BAJAKAR DANAV DAL KO DALNA HOGA.

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