सोमवार, 25 अक्तूबर 2010

हिन्दू आंतकवाद कश्मीर जैसे मुद्दों से ध्यान हटाने का षड़यंत्र

जो लोग सदियों से हिंसा के खिलाफ रहे है । तथा अंहिंसा के पुजारी है । क्या वो धर्म के नाम से आंतकवाद फैला सकते है । मुझे नहीं लगता की यह हो सकता है हिन्दू हमेसा से सहिष्णु और विश्व बन्धुत्वा की भावना के साथ ही पैदा होता है । वो कभी आंतकवादी नहीं होता । कांग्रेस पार्टी के युवराज जो मन ही मन में इस देश के प्रधानमंत्री बनाने का खवाब पाले बेठे है और इस देश के मुस्लिमो को अपना सबसे बड़ा वोते बैंक बनाने के लिए अपने भाषण में बोल बेठे की संघ और सिमी दोनों एक तरह के संघठन है । उसके दुसरे दिन ही भरता के गृह मंत्रालय का बयां आता है की संघ और सिमी दोनों की विचारधार एक जैसी नहीं हो सकती । संघ अखंड भारत के निर्माण की पवित्र विचार के साथ काम करता है । जबकि सिमी भारत विभाजन जैसे कुत्सित विचार के साथ काम करता है ॥ पर इसमे राहुल जैसे मदमस्त नेता की कोई गलती नहीं है क्योंकि उसके दिमाग में तो बस एक ही विचार है की जैसे तैसे मुस्लिम वोट कांग्रेस के साथ हो जाये ॥ और राहुल गाँधी और सोनिया गाँधी के नेतृत्वा में काम कर रही भारत की सी बी आई और इन्ही के एक महत्वपूर्ण और ख़ास आदमी हमारे राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्वा में काम कर रही ऐ टी एस ने एक नया सगुफा छोड़ा है हिन्दू आंतकवाद .... संघ के प्रचारको को निशाना बनाना और मुस्लिम वोट बैंक को मजबूत करने के लिए हिन्दू आंतकवाद के नाम से संघ के प्रचारको को आंतकवादी घोषित करना । अभी अजमेर धमाको की चार्ज शीट में संघ के एक ऐसे व्यक्ति का नाम लिया है जिसकी कोई कल्पना ही नहीं कर सकता .... और हाँ उस व्यक्ति ने राष्ट्रवादी मुस्लिमो के लिए एक मंच भी बना रखा है ..जिसमे हिन्दू और मुस्लिम लोग मिलाकर राष्ट्र को मजबूत बनाने के लिए काम करते है ... इस व्यक्ति का नाम है इन्द्रेश जी ... ऐसे देवता स्वरुप इंसान का नामइस में घसीट कर निश्चित रूप से पुरे राष्ट्रवादी भारतीय समाज को ही बदनाम करने का प्रयत्न किया जा रहा है । और हाँ इनका नाम आने के साथ ही राजस्थान के गृह मंत्री ने ठीक अपने लोगो के विपरीत कहा की लश्कर ऐ तोयबा कुछ लालची हिन्दुओ को लालच देकर अपने साथ मिला रही है । तो इन बातो से यह तो साफ़ होता है की ऐसे कार्यो में आर एस एस का होना नामुमकिन है । या यूँ कहे की संघ का नाम इन कार्यो में घसीटने के पीछे हिंदुस्तान के सबसे महत्वपूर्ण अंग कश्मीर की तरफ से ध्यान हटाना तो नहीं या अराष्ट्र वादी ताकतों की मसीहा सोनिया गाँधी अपना कोई छिपा हुआ एजेंडा तो लागू नहीं कर रही है। आज कश्मीर जल रहा है । कश्मीर का मुख्यमंत्री कहता है की कश्मीर का भारत में विलय नहीं हुआ । में कहता हूँ की यह सब हिन्दू लोगो को और राष्ट्रवादी ताकतों को कमजोर करके कश्मीर मुद्दे से लोगो का ध्यान हटाना है । दोस्तों यह एक प्रकार से मजाक सा लगता है की जिस संघठन का उद्देश्य अखंड भारत का निर्माण कर के भारत माता को परम वैभव पर पहुँचाना हो । और वो हर रोज यह प्रार्थना करते है की भारत विश्व गुरु के सिंघासन पर फिर से विराजमान हो । उसके बारे में ऐसे आरोप लगाना निश्चित रूप से कंही न कंही एक बड़ी साजिश की बू आती है । और कश्मीर को भारत से अलग करने का को षडयन्त्र लगता है । जय हिंद वन्दे मातरम

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